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Monday, February 18, 2013

ऐ दोस्त,

ऐ दोस्त,
मेरे मरने के बाद ये खत मेरी माँ को सुना देना......
... मेरी शहादत पर कोई देश गीत गुनगुना देना........
माँ को बताना मैं शहीद हो गया हूँ................
प् रहकर माँ के तू बस उसे सांत्वना देना.....

ऐ दोस्त ......
था इरादा बूढ़े बाप की उम्मीद बनकर आउंगा.....
एक छोटा सा घरोंदा मैं उनके नाम बनाउंगा..............
दे रहा हूँ मौत की खबर उनको,,,,,,,
आज इस बाप के सपनो को मैं झुठ्लाउंगा.........

ऐ दोस्त.......
था इरादा तेरी भाभी को चूड़ी दिलाने का .....
वो दिवाली की रत सारा शहर घुमाने का......
बताना उसको सुहाग तेरा नहीं रहा अब.....
देना हौसला उसे आंसुओं को छुपाने का.........

ऐ दोस्त.....
राखी का इन्तजार करती बहन गर मिल जाए.....
न देना खबर एकदम उसको शायद वो दहल जाये......
कहना भाई तेरा अब नहीं आ सकता है .........
रहां साथ बड़े जैसा शायद फिर वो संभल जाए........

ऐ दोस्त.........
बीटा मेरा छोटा है उसको सैनिक बनाना है......
मातृभूमि की सेवा का भाव बचपन से ही जगाना है.........
कहना बाप तेरा चला गया हमेशा को.......
रक्षक सीमा का बनकर उसको भी देश बचाना है ..........

ऐ दोस्त........
बेटी मेरी छोटी है उसको याद दिला देना......
उसके पापा की यादों से उसको फिर मिला देना.....
सेवा का भाव उसमे भ लाना है .....
लेकर बाहों में अपनी तू उसको सुला देना.........

ऐ दोस्त .....
देश के युवाओं को गुमनाम न होने देना.....
भगत की युवा क्रान्ति का गलत अंजाम न होने देना.....
माना की कांटो भरी डगर है लेकिन................
मेरे देश की ताकत है ये इनको बदनाम न होने देना.........

ऐ दोस्त......
अंतिम इच्छा है मेरी देश के खिलाफ कोई काम न हो.....
किसी भी सैनिक की शहादत कभी नीलाम न हो.....
नारी है हिन्द की अस्मत याद रहे ........
अभद्रता से बेइज्जत वो कभी सरेआम न हो......"

╰☆╮|| वंदे मातरम || || जय हिंद || ╰☆╮

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